अक्सर लोग राहु या केतु से डरे रहते हैं। राहु और केतु के कारण ही कालसर्प दोष निर्मित होता है। पुराणों अनुसार पितृदोष या प्रारब्ध के कारण कालसर्प योग बनता है। कालसर्प योग भी मुख्यत: 12 तरह के माने गए हैं। बहुत से लोग कालसर्प योग से डरे हुए हैं, लेकिन जंगल के खतरनाक जानवरों के बारे में जो जानते हैं वे निश्चित ही बच निकलने का रास्ता भी ढूंढ ही लेते हैं। हम आपको राहु और केतु के चमत्कारिक अचूक उपाय बताएंगे आपकी कुंडली के खाने अनुसार। आप अपनी कुंडली में देखें की राहु और केतु किस खाने में बैठे हैं। उसी खाने के उपाय करके आप इन दोनों ग्रहों के बुरे प्रभावों से मुक्त हो सकते हैं। इससे पहले आप जान लें कि राहु और केतु आपके जीवन में किस तरह का प्रभाव डालते हैं। यदि अचानक शरीर अकड़ने लगे या दिमाग अनावश्यक तनाव से घिर जाए और चारों तरफ अशांति ही नजर आने लगे, घबराहट जैसा होने लगे तो इन सभी का कारण भी राहु है। वैराग्य भाव या मानसिक विक्षिप्तता भी राहु के कारण ही जन्म लेते हैं। बेकार के दुश्मन पैदा होना, बेईमान या धोखेबाज बन जाना, मद्यपान करना, अति संभोग करना या सिर में चोट लग जाना यह सभी राहु के अशु...